Thursday, 26 March 2020

नक्सली घटना में शहीद जवानों को सदन में दी गई विनम्र श्रद्धांजलि

जवानों ने बहादुरी के साथ नक्सलियों से मोर्चा लिया
रायपुर: 26 मार्च 2020: (छत्तीसगढ़ मेल ब्यूरो)::
छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज सुकमा जिले के चिंतागुफा थाने के मिनपा एवं कसलपाड़ क्षेत्र में नक्सली हमले में शहीद जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि दी गई। विधानसभा अध्यक्ष डाॅ. चरणदास महंत ने विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही इस नक्सली घटना की सदन को जानकारी दी। उन्होंने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि इस नक्सली घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि जवानों ने बहादुरी के साथ नक्सलियों से मोर्चा लिया। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस घटना को दुर्भाग्यजनक बताते हुए कहा कि हमारे जवान नक्सलियों के साथ बहादुरी के साथ लड़े। उन्होंने अनेक नक्सलियों को भी मारा। मैं उनकी बहादुरी को नमन करता हूं। श्री बघेल ने शहीदों को परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास, विश्वास और सुरक्षा के साथ इस चुनौती का सामना कर रही है। जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। श्री बघेल ने इस घटना में घायल जवानों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कोरोना महामारी से बचाव के लिए सोशल डिसटेंसिंग में ही सबकी सुरक्षा है। इस बीमारी से बचाव के लिए राज्य सरकार हर संभव उपाय कर रही है। नेता प्रतिपक्ष श्री धरमलाल कौशिक, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा और विधायक श्री मोहन मरकाम ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सदन में मौन रख कर विनम्र श्रद्धांजलि दी गई।

Friday, 13 March 2020

रायपुर:मशरूम से वनांचल की महिलाएं बनी आत्मनिर्भर

आमदनी के साथ साथ मिल रहा खनिजों से भरपूर पोषण आहार भी 
रायपुर: 13 मार्च 2020: (छत्तीसगढ़ मेल):: 
दुनिया लाख नश्वर सही लेकिन पैसे के बिना कहां चलती है? बहुत ही सादगी से दाल रोटी भी कहानी हो तो भी पैसा चाहिए। पैसे बिना तो प्यार व्यार भी फ़िज़ूल कहा गया है। पुरानी कहावत है-बाप भइआ,  सब से बड़ा रुपइया। इन सभी हकीकतों के बावजूद सबसे यही होता है कि पैसा आये कहाँ से? हमारे समाज में सबसे अधिक दमन का शिकार हैं महिलाये क्यूंकि सबसे अधिक मेहनत करके भी उनके पल्ले पैसा नहीं पड़ता। ऐसे में कुछ मेहनती महिलाओं ने अपने समूह बनाये और अपनी मेहनत से पैसा कमा कर दिखाया। हम यहां आपको कहानी बता रहे है उन महिलाएं की जिन्होंने मशरूम के ज़रिये अपने पैरों पर खड़ा हो कर दिखाया। 
मशरूम स्वाद का खजाना होने के साथ ही पौष्टिकता से भरपूर होता है। कम लागत में इससे अधिक आमदनी ली जा सकती है। इसे देखते हुए दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा मशरूम उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे लोगों को स्थानीय स्तर पर पौष्टिक आहार के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता मिल रही है। इस दिशा में अपने कदम बढ़ाते हुए सुकमा जिले के कांजीपानी और चिपुरपाल की महिला स्व-सहायता समूहों ने स्वादिष्ट मशरूम का उत्पादन कर अपनी एक अलग पहचान कायम की है। इससे महिला समूह न केवल आर्थिक लाभ हो रहा है बल्कि लोगों को प्रोटीन, विटामिन, आवश्यक लवण और विभिन्न प्रकार के खनिजों से भरपूर पोषण आहार भी मिल रहा है। इन समूहों द्वारा 2 से 3 किलो मशरूम प्रतिदिन बेचकर अतिरिक्त आय प्राप्त की जा रही है।
   मशरूम में आवश्यक सभी पोषक तत्व होने के कारण यह कुपोषण दूर करने का चमत्कारी गुण रखता हैं साथ ही इसमें कई औषधीय गुण भी पाए जाते हैं। इन लाभों को देखते हुए कृषि विभाग द्वारा एग्रीकल्चर एक्सटेंशन रिफार्म (आत्मा) योजना के अन्तर्गत महिला समूहों को प्रशिक्षित कर मशरूम उत्पादन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यहां प्रशिक्षण लेकर छिन्दगढ़ विकासखण्ड के कांजीपानी गांव के कमलफूल कृषक समूह एवं चिपुरपाल गांव के ऋतम्भरा महिला कृषक समूह के द्वारा मशरूम उत्पादन किया जा रहा है। 
इस सफलता के संबंध में 10 सदस्यों वाली कमलफूल समूह की अध्यक्ष श्रीमती सुशीला बघेल व सचिव श्री फुलमती मांझी है। जबकि 11 सदस्यों वाली ऋतम्भरा महिला कृषक समूह कीे अध्यक्ष श्रीमती सुक्को बघेल व सचिव श्रीमती प्रमिला नाग है। कृषि महाविद्यालय जगदलपुर व रायपुर से मशरूम उत्पादन के ढांचे की भली-भांति जानकारी होने के बाद इन समहों ने मशरूम उत्पादन प्रारम्भ किया। 
जिला प्रशासन ने भी इन समूहों की मदद करते हुए पैरा काटने के लिए कटर मशीन उपलब्ध कराया। मशरूम उत्पादन से अपनी मेहनत को साकार रूप लेते देख ग्रामीण महिलाएं खुश हैं। महिला समूह ने बताया कि मशरूम का उपयोग सब्जी के रूप में करने के अतिरिक्त इससे बड़ी, पापड़, आचार और मशरूम पाउडर के रूप में उपयोग किया जा सकता है। इसके उपयोग से विभिन्न प्रकार के व्यंजन भी तैयार किये जा सकते हैं जो स्वादिष्ट, पौष्टिक होने के साथ कुपोषण दूर करने में सहायक होते हैं।

Sunday, 21 July 2019

मुख्यमंत्री से केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह की सौजन्य मुलाकात

भेंट के दौरान जनजातीय मामलों पर भी विचार हुआ
रायपुर: 21 जुलाई 2019: (छत्तीसगढ़ मेल)::
छत्तीसगढ़ में जनजातीय मामलों को आम तौर पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इस मकसद के लिए केंद्रीय मंत्री और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्ति भी विभिन्न स्थानों के दौरे करते रहते हैं। आज यहां इस सिलसिले में केन्द्रीय जनजातीय मामलों की राज्य मंत्री श्रीमती रेणुका सिंह ने भी विशेष दौरा किया। इस दौरे के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री से सौजन्य मुलाकात भी की। इस भेंट के दौरान जनजातीय मामलों पर भी विचार हुआ। 

Monday, 9 December 2013

जीत का जोश पर साथ ही काम का पूरा होश

 छत्तीसगढ़: प्राचार्यो की बैठक आगामी 13 और 16 दिसंबर को
बैकुण्ठपुर, 09 दिसम्बर 2013: (छत्तीसगढ़ मेल): काम के प्रति गंभीर रहने वाले डा रमन  सिंह जीत के इस अवसर पर भी पूरी तरह गंभीर बने हुए हैं। जीत के परिणाम आने पर भी छतीसगढ़ में डा रमन सिंह सरकार पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को नहीं भूली। शिक्षा और अन्य महत्वपूर्व क्षेत्रों की सरगर्मियां और तेज़ कर दी गयी हैं। जिले के बैकुण्ठपुर, सोनहत व खड़गवां विकासखण्ड के सभी शासकीय हाई स्कूल व हायर सेकेण्डरी स्कूलों के प्राचार्यो की बैठक आगामी 13 दिसंबर को आयोजित की गयी है। यह बैठक बैकुण्ठपुर के शासकीय रामानुज उच्चतर माध्यमिक  स्कूलों में पूर्वान्ह 11 बजे से आयोजित की जाएगी। इसी तरह आगामी 16 दिसंबर को मनेन्द्रगढ़ व भरतपुर विकासखण्ड के प्राचार्यो की बैठक शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्दालय मनेन्द्रगढ़ में आयोजित की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी कोरिया श्री आर.एस.चौहान ने सभी प्राचार्यो से गत वर्ष की उपलब्धियों व आगामी वर्ष की कार्ययोजना के साथ बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देष दिए है। इन बैठकों में शिक्षा को और बेहतर बनाने की विचार होगी और साथ ही पिछली कारगुज़ारी की समीक्षा भी की जायेगी। यह सिलसिला उन लोगों के लिए एक सबक है जो जीत के नशे में अपनी ज़िम्मेदारियों को भूल जाते हैं।

इस बार भी 12 दिसंबर को शपथ लेंगें डाकटर रमन सिंह


भाजपा:नए निशाने नया जोश
रायपुर, 09 दिसंबर 2013: (छतीसगढ़ मेल): छतीसगढ़ विधान सभा चुनावों में लगातार तीसरी बार जीत का सेहरा लेने वाले मुख्यमंत्री डाकटर रमन सिंह ने दल बल सहित शपथ ग्रहण समारोह कि तैयारियां शुरू कर दी हैं। राजकीय सूत्रों के मुताबिक इस बार भाजपा विधायक दल के नव-निर्वाचित नेता डॉ. रमन सिंह का शपथ ग्रहण समारोह गुरूवार 12 दिसम्बर को सवेरे लगभग ग्यारह बजे राजधानी रायपुर के पुलिस परेड मैदान में आयोजित किया जाएगा। 
गौरतलब है कि डॉ. सिंह को आज प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल का सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया। डॉ. रमन सिंह तीसरी बार आम जनता के बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। उल्लेखनीय है उनका पहला शपथ ग्रहण समारोह 07 दिसम्बर 2003 को और दूसरा शपथ ग्रहण समारोह 12 दिसम्बर 2008 को आयोजित किया गया था। यह भी एक अच्छा संयोग है कि इस बार भी डॉ. रमन सिंह बारह दिसम्बर को ही प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं।

सम्मान से मनाया जायेगा महान योद्धा वीर नारायण सिंह का शहादत दिवस

10 दिसम्बर के ही दिन भरे चौक में दिया गया था सरेआम मृत्यु दण्ड 
रायपुर: 09 दिसंबर 2013: (छत्तीसगढ़ मेल)::
जीत  भी लगातार तीसरी बार-----इस तरह की जीत के जश्न में लोग अक्सर बहुत कुछ भूल जाते हैं लेकन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह देश की अज़ादी के लिए शहीद होने वाले वीर नारायण सिंह  भूले। उन्होंने ने कल दस दिसम्बर को छत्तीसगढ़ के महान क्रांतिकारी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अमर शहीद वीरनारायण सिंह के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने उनके शहादत दिवस की पूर्व संध्या पर आज यहां जनता के नाम जारी संदेश में कहा है कि सोनाखान के महान योद्धा वीर नारायण सिंह भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के अनमोल रत्नों में से थे, जिन्होंने सन 1856 के भयानक अकाल के समय गांव, गरीब और किसानों के दर्द को महसूस कर सोनाखान क्षेत्र की पीड़ित जनता की मदद के लिए एक सम्पन्न व्यापारी 
स्केच देशबंधू से साभार
के अनाज भण्डार को खुलवाकर गरीबों में अनाज का वितरण करवाया था। अपनी माटी के मान-मर्यादा की रक्षा तथा वहां रहने वाले लोगों की खुशहाली के लिए छत्तीसगढ़ के शहीद वीर नारायण सिंह का योगदान अविस्मरणीय है। ऐसे वीर सपूत के त्याग, संघर्ष व बलिदान को आत्मसात करते हुए शासन सभी वर्गो के उत्थान सहित चहुंमुखी विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वीर नारायण सिंह ने छत्तीसगढ़ में प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का शंखनाद किया और देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। डॉ. सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में वीरनारायण सिंह का नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा गया है, जो देश और दुनिया को युगों-युगों तक सामाजिक न्याय, समानता और स्वतंत्रता के महत्व की याद दिलाता रहेगा। ज्ञातव्य है कि अमर शहीद वीर नारायण सिंह को अंग्रेज हुकुमत ने दस दिसम्बर 1857 को राजधानी रायपुर के वर्तमान जयस्तंभ चौक पर सार्वजनिक रूप से मृत्यु दण्ड दिया था। वीर नारायण सिंह देश की आजादी के लिए शहीद हुए। 

Saturday, 9 November 2013

छत्तीसगढ़ - तथ्यों पर एक नजर

08-नवंबर-2013 19:41 IST
(विधानसभा चुनाव का पहला चरण - 11 नवंबर, 2013)

क्र. सं.
मद

छत्तीसगढ़ (विधानसभ सीट कीसंख्य जहां 
मतदान होना है)-– 18
1.
कुल निर्वाचक
:
पुरुष –         14,53,730     
महिलाए –      14,78,659 
सेव -                 811
एनआरआई मतदात:     --     
------------------------------
योग -       29,33,200
2.
उम्मीदवारों की कुल संख्य
:
143

3
महिल उम्मीदवारों की कुलसंख्य

10

4.
उम्मीदवारों की अधिकतमसंख्य वाल विधानसभा कीसंख्य और नाम
:
75 राजनंदगांव 14 उम्मीदवार
86- जगदलपुर- 14 उम्मीदवार

5.
उम्मीदवारों की न्यूनतम संख्यवाल विधानसभा की संख्यऔर नाम

90 कोंट
उम्मीदवारों की संख्य -4
6.
 दल वार उम्मीदवारों की सूच:
:
भारतीय जनत पार्ट - 18
बहुजन समाज पार्ट - 18
भारतीय कम्युनिस्ट पार्ट - 08
मार्क्सवाद कम्युनिस्ट पार्टी -01
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस - 18
एनसीप - 02
राज्य स्तरीय दल - शून्य
अन्य + निर्दलीय - 78

7.
सबस बड़ विधान सभ क्षेत्र -क्षेत्रवार 
:
बीजापुर
8.
सबस बड़ विधान सभ क्षेत्र -निर्वाचक वार 

73- खैरागढ़
9.
सबस छोट विधान सभ क्षेत्र -निर्वाचक वार 

85- बस्तर
10.
विधानसभा की संख्य और नामजहां सीध मुकाबला है
:
-----
11.
मतदान केंद्रों की संख्य 

:
4,074
12.
चुनाव में इस्तेमाल की जानवाल इलेक्ट्रानिक मशीनों कीसंख्य

4142
  वि. कासोटिया/पीके - 6910